jigar pandya
न जाने इन बूँदो से क्या रिश्ता हे मेरा, जभी जमी को मिलने आती है मुझसे दो बाते कर के ही जाती हे। शायद जमी से जुड़ा हु में इसलिए हर बार हाले दिल की खबर पूछ कर जाती हे। रिश्तों का अहेसास दिला ने आती हे , ये बुँदे न जाने क्यों........
#Monsoon
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jigar pandya

photo and written by me
Fire on heart while separation.
jigar pandya
Home very difficult to. Find in our budget
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jigar pandya
एक तस्वीर
 (जिसकी तस्वीर बना राहा है उस प्रेमिका से बात करता कवि )

एक तस्वीर बना रहा हु मैं तेरी,
कुछ अधूरी सी, कुछ पूरी सी।
हर रंग भर रहा हु उसपर,
कुछ सतरंगी, कुछ मनरंगी।

जुल्फे खेलती हे हवा संग,
कुछ लहेराती, कुछ सहेमी सी।
जुमके भी तो जूम रहे जुल्फो संग,
कुछ बहेके से, कुछ चुपके से।

मोती से है नयन नक्श तुम्हारे,
कुछ चमकीले, कुछ नशीले।
पलके भी तो करती है शरारत
कुछ ढली सी कुछ खुली सी।

गालो पर छाई हे लाली,
कुछ बेशर्मी सी, कुछ शर्मीली।
होठ भी तो हे मस्त लाल गुलाबी,
कुछ गीले से कुछ सूके से।

नीले आसमानी रंग की हे सारी,
कुछ छुपाती, कुछ बतलाती।
चाल भी तो हे मदमस्त हिरनी सी,
कुछ बलखाती, कुछ लचकाती।

देख लो तुम एक नज़र से ईसे
कुछ प्यार, से कुछ इतराते,
 फिर कर देना दस्तखत गुलाबी
 कुछ चित्र पर कुछ इस चित्रकार पर॥



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jigar pandya

Photography and wording by me...
For daddy and son relationship marathi poem
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